मेरा राजस्थान My Rajasthan

कान पर हाथ रख लो चाहे मैं तो चिल्लाता रहूँगा

Thursday, April 20, 2006

लो मैं आ गया

मित्र की शादी से आने के बाद काफी अच्छा महसूस कर रहा हूँ। मगर कुछ भी हो मजा आ गया। मेरे जाने से लेकर आने तक ऐसे ऐसे वाकये( घटनाएं) हुई कि मेरा सफर अत्यंत मनोरंजक बन गया।
मेरे सफर की कहानी हंसी मजाक, रहस्य रोमांच से भरपूर है। कहानी काफी लम्बी है इसलिये मैं इसे अगली बार सुनाउंगा।

3 Comments:

Blogger Vijay Wadnere said...

अरे यार...!!

सिरीयल शुरु होने के पहले ही ऎड आ गये.

ये तो बिल्कुल ऐसा लगा कि सिरीयल शुरु हुआ, टाईटल म्युझिक बजा, और फ़िर कह दिया कि शेष भाग अगले हफ़्ते.

कुछ तो लिख देते.

Thursday, April 20, 2006 4:39:00 PM  
Anonymous Neeraj said...

Vijay Bhai,

Comment pe comment karne ko ham pahli baar lalchaaye hain ....Barhiya hai "सिरीयल शुरु होने के पहले ही ऎड आ गये.

ये तो बिल्कुल ऐसा लगा कि सिरीयल शुरु हुआ, टाईटल म्युझिक बजा, और फ़िर कह दिया कि शेष भाग अगले हफ़्ते.
" :-) mujhe bhi serial ka intjaar hai........

Neeraj

Saturday, May 13, 2006 6:47:00 AM  
Blogger युगल मेहरा said...

नीरज भाई सीरीयल शुरु होगया ओर खत्म भी होगया, लो आप भी देख लो रिकार्डिंग
यहां पर
मेरी यात्रा (ऐसा देश हे मेरा)
वो रहस्यमयी कोन था ??? (My Journey)
खतरनाक बुढ्ढा (बुढ्ढों से सावधान) Harmful Oldman
खतरनाक बुढ्ढा Part Two (बुढ्ढों से सावधान) Harmful Oldman



जरूर पढें।

Saturday, May 13, 2006 5:02:00 PM  

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