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कान पर हाथ रख लो चाहे मैं तो चिल्लाता रहूँगा

Thursday, April 13, 2006

सलमान खान छूट गया

आज जब सलमान छूटा तो ऐसे अकडकर निकला कि विश्वविजय कर ली हो। बाकी सारे कलाकार जो उसे लेने गये थे(जो दाउद की पार्टी में ठुमके लगाते थे) वे भी अत्यंत प्रसन्न नजर आ रहे थे। जेल के बाहर सलमान के प्रशंषक नारे लगा रहे थे कि अभी तो ली अंगडाई है, आगे और लडाई है
पर क्या ये आजादी परमानेंट(स्थाई) है?
जरा सोचो सलमान क्या पता जिस दरवाजे से तुम अकडकर निकल रहे हो वहां फिर से तुम्हारे स्वागत की तैयारीयां हो रही हो?
 

6 Comments:

Blogger संजय बेंगाणी said...

सलमान ने कम से कम देख तो लिया कि जेल जैसी चीज क्या होती हैं, पटौदी कैसे महाशिकारी कानुन अपनी जेब में लिए घुम रहे हैं. काश उस पशुमारक को भी एक चक्कर जेल का लगवा दे हमारी अदालते.

Thursday, April 13, 2006 6:13:00 PM  
Blogger युगल मेहरा said...

सही कहा आपने संजय जी
सजा तो उसे भी मिलनी चाहीये। वैसे 'पशुमारक' शब्द अच्छा प्रयोग किया है आपने।

Thursday, April 13, 2006 6:30:00 PM  
Blogger Hindi Blogger said...

पुराना चुटकुला फिर से चल रहा है कि सलमान ने जोधपुर जेल प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है. ख़ान मियाँ का कहना है- 'जेल में मुझे कपड़े पहनने के लिए बाध्य किया गया.'

Thursday, April 13, 2006 10:16:00 PM  
Blogger sk said...

slman ki kismat solid hai bhai.yahoo ka kya karu yaar

Friday, April 14, 2006 3:33:00 PM  
Blogger युगल मेहरा said...

शैलु एक काम करो जीमेल पर अपना मेल अकाउंट बनाओ। इसके लिये मुझे अपना ईमेल एड्रेस बताओ। जिससे मैं तुम्हे जी मेल पर इनवाइट कर सकुंगा।

Friday, April 14, 2006 4:03:00 PM  
Blogger sk said...

mera e-mail shelu543@rediffmail.com hai

Saturday, April 15, 2006 10:49:00 PM  

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